भूमि विवाद को लेकर जारी हुआ नया आदेश, पुलिस की मनमानी पर ब्रेक

भूमि विवाद को लेकर जारी हुआ नया आदेश, पुलिस की मनमानी पर ब्रेक
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बिहार में बढ़ते भूमि विवादों और उनसे जुड़े पुलिस हस्तक्षेप को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि भूमि विवादों का निपटारा केवल राजस्व और न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा, इसमें पुलिस की मनमानी या दबाव अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Vijay Kumar Sinha, a versatile upper-caste BJP leader

डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के निर्देश पर राज्य सरकार के गृह विभाग और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भूमि विवाद को लेकर संयुक्त पत्र जारी किया है। इसमें साफ कर दिया गया है कि भूमि विवाद के मामलों में पुलिस की भूमिका अब केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित रहेगी। बिना कोर्ट या किसी अन्य सक्षम प्राधिकार के आदेश के पुलिस न तो किसी को कब्जा दिला सकेगी और न ही निर्माण कार्य या चहारदीवारी कराएगी।

डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने बताया कि भूमि सुधार जन कल्याण संवाद के दौरान लगातार ऐसी शिकायतें सामने आईं, जिनमें पुलिस ने कानून-व्यवस्था के नाम पर अनावश्यक हस्तक्षेप किया। इसे गंभीरता से लेते हुए सरकार ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि पुलिस का काम केवल शांति व्यवस्था बनाए रखना है, न कि जमीन पर दखल दिलाना या निर्माण कार्य कराना। यदि बिना सक्षम आदेश के ऐसा किया गया तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राज्य सरकार ने इन शिकायतों के विश्लेषण के बाद सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जो 1 फरवरी 2026 से पूरे बिहार में लागू होंगे। इन निर्देशों के तहत थाना स्तर पर भूमि विवाद मामलों में पुलिस की भूमिका को स्पष्ट रूप से सीमित किया गया है। गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविन्द कुमार चौधरी और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल द्वारा जारी संयुक्त पत्र में यह बात दोहराई गई है।

भूमि विवाद के त्वरित और निष्पक्ष समाधान के लिए हर शनिवार को अंचल कार्यालय में अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी की संयुक्त बैठक अनिवार्य की गई है। इन बैठकों में मामलों की प्रगति की जानकारी विभागीय पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 22 जुलाई 2025 को हुई समीक्षा बैठक के निर्देश के अनुसार, थाना प्रभारी या उनकी अनुपस्थिति में अपर थाना प्रभारी (ASHO) इन बैठकों में शामिल होंगे।